सऊदी अरब में खाने की बर्बादी रोकने के लिए सरकार ने उठाया ये कदम, जानिये कैसे लगेगी रोक..

February 20, 2018 by No Comments

रियाद: इंसान की सबसे बड़ी जरूरत होती है- रोटी। लोग अपना और अपना पेट भरने के लिए कई तरह के यत्न करते हैं। मज़दूरी करते हैं, नौकरी करते हैं, बिज़नेस करते हैं, यहाँ तक कि इसके लिए वह देश छोड़कर विदेश में काम करते हैं। सऊदी अरब ऐसा देश बनने जा रहा है, जहाँ बचे हुए खाने को बर्बाद होने से बचाने की अच्छी शुरुआत की है।
सोमवार को अल-जज़ीरा अरबी डेली ने इसकी सूचना देते हुए बताया है कि, सऊदी अनाज संगठन (एसएओओ) ने खाने को बर्बादी को रोकने या उसे कम करने के लिए नेशनल लेवल पर एक कदम उठाया है।  यह राष्ट्रीय परिवर्तन कार्यक्रम 2020 और विजन 2030 के तहत पर्यावरण मंत्रालय, जल और कृषि मंत्रालय की एक पहल है। इस पहल को पांच चरणों में लागू करने का प्लान बनाया गया है, जिसका पहला चरण प्रिंस मोहम्मद बिन सऊद इस्लामिक यूनिवर्सिटी द्वारा लागू किया जाएगा।
सऊदी समाज में खाने की बर्बादी के स्तर को मापने के लिए रिसर्च की जायेगी। ये रिसर्च सऊदी के 27 शहरों पर ध्यान केंद्रित करेगा जहाँ खाने की बर्बादी की जाती है। रियाद में सऊदी अनाज संगठन ने एक प्रेस कांफ्रेंस के जरिये कहा है कि यह प्राइवेट सेक्टर के हितधारकों को खाने की बर्बादी को कम करने के लिए कुछ नियमों को लागू करने के लिए विधायी रूपरेखा तैयार करने के सर्वोत्तम प्रशिक्षण प्रदान करेगा।

इस नेशनल पहल के डायरेक्टर ज़ैद अल-शबानत का कहना है कि खाने की बर्बादी करना या होना बहुत ही गलत चीज़ है. ;“इस पहल का उद्देश्य खाने की बर्बादी को कम करना है, खासकर गेहूं, चावल, खजूर, फलों, सब्जियां, लाल और सफेद गोश्त की बर्बादी को कम करना है।इस टीम का नेतृत्व कर रहे डॉ. अब्दुलरहमान अल-खरीफ ने कहा कि यह खाने की बर्बादी की मात्रा निर्धारित करेगा और इसके परिणामस्वरूप होने वाले आर्थिक घाटे के बारे में भी बताएगा।

इस रिसर्च में सऊदी किंगडम के 5,000 प्रतिभागियों को शामिल किया गया है। इसके जरिये खाने की बर्बादी के आर्थिक, सामाजिक और सांस्कृतिक पहलुओं पर भी रिसर्च होगी। इस बारे में सऊदी वासियों को शिक्षित किया जाएगा। निर्माण करेगी.

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