लेबनान की धरती का इस्तेमाल सऊदी अरब के ख़िलाफ़ नहीं होने देंगे: अल जुबेर

रियाद: सऊदी अरब के विदेश मंत्री आदेल अल जुबेर ने CNBC चैनल को दिए एक इंटरव्यू में कहा है कि वो लेबनान को सऊदी अरब को नुक़सान पहुंचाने वाला प्लेटफार्म नहीं बनने देगा. उन्होंने ईरान समर्थित हिज़बुल्लाह पर आरोप लगाया कि वो लेबनान के सिस्टम को अपने क़ब्ज़े में ले रहा है. उन्होंने कहा कि लेबनान के लोग मासूम हैं. जुबेर ने कहा कि लेकिन हिज़बुल्लाह ने लेबनान में मज़बूत पकड़ बना रखी है और देश को हिज़बुल्लाह के चंगुल से छुड़ाने के लिए हमें कोई रास्ता निकालना होगा.

उन्होंने कहा कि हिज़बुल्लाह लेबनान में राजनीतिक पार्टी है लेकिन वो अपनी सेना रखता है. उन्होंने कहा कि जबकि होना ये चाहिए था कि वो अपने हथियार जमा कर देता. उन्होंने कहा कि सरकारी संस्थाओं के अलावा किसी को भी हथियार रखने नहीं चाहियें. जुबेर ने कहा कि हिज़बुल्लाह के ज़रिये ईरान लेबनान को डोमिनेट करता है, सीरिया में दख़ल देता है, हमास और अल हौथिस के साथ यमन में.

उन्होंने कहा कि बहरीन में हिज़बुल्लाह हथियारों की स्मगलिंग में शामिल रहा है और ड्रग, क्रिमिनल और मनी लौंडेरिंग एक्टिविटी में भी शामिल रहा है. उन्होंने एक सवाल के जवाब में बताया कि सऊदी अरब इस बारे में अभी कई विकल्पों पर विचार कर रहा है कि कैसे हिज़बुल्लाह को कमज़ोर किया जाए.

गौरतलब है कि लेबनान के प्रधानमंत्री साद अल हरीरी ने अचानक ही अपने पद से इस्तीफ़ा दे दिया था. उन्होंने इस्तीफ़े की घोषणा सऊदी राजधानी में की जिसके बाद सियासत ने ज़ोर पकड़ा. हिज़बुल्लाह ने आरोप लगाया कि हरीरी ने इस्तीफ़ा सऊदी अरब के दबाव में दिया है. सऊदी अरब ने इसको लेकर ईरान और हिज़बुल्लाह को ज़िम्मेदार माना है. बहरीन और सऊदी अरब ने अपने नागरिकों से कहा है कि वो लेबनान का दौरा ना करें.

Leave a Reply

Your email address will not be published.