जब अखिलेश ने ट्वीट किया-“नेताजी ज़िंदाबाद समाजवादी पार्टी ज़िंदाबाद”

September 26, 2017 by No Comments

लखनऊ: उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव के पहले से चल रहे समाजवादी पार्टी के सियासी घमासान में अभी भी बहुत कुछ होना बाक़ी है. एक तरफ़ जहाँ कल सपा में मुलायम-शिवपाल कैंप के कार्यकर्ता जुटे थे और उम्मीद कर रहे थे कि एक नयी पार्टी का एलान होगा वहीँ दूसरी ओर अखिलेश खेमा भी प्रेस कांफ्रेंस पर नज़र लगाए हुए था.

समाजवादी पार्टी के सबसे बड़े नेता मुलायम सिंह यादव ने जब प्रेस कांफ्रेंस शुरू की तो लगा कि अब कुछ सियासी धमाका वह करेंगे. सूत्रों के मुताबिक़ जो प्रेस नोट तैयार किया गया था और जिन काग़ज़ों को देखकर मुलायम सिंह अपनी बात रख रहे थे उन्हीं में से एक पन्ने में नया दल बनाने की बात भी लिखी थी. ऐसा भी कहा जा रहा है कि उनके बग़ल में बैठे उनके बेहद क़रीबी शारदा प्रताप शुक्ल ने उन्हें एक काग़ज़ को इशारे से याद भी दिलाया. ये वही काग़ज़ था जिसमें नया दल बनाने की बात लिखी हुई थी परन्तु मुलायम ने शुक्ल से कहा कि वह इस पन्ने को बाद में पढेंगे.मुलायम का इतना कह देना भी शुक्ल और पास बैठे दूसरे लोगों के लिए काफ़ी था.

बहरहाल, मुलायम ने अपने बेटे और सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव की आलोचना तो की और ये भी कहा कि जो अपनी बात का पक्का नहीं और जिसने अपने बाप को धोका दिया हो वह क़िस्मत का धनी नहीं हो सकता. मुलायम ने ख़ुद को बात का पक्का बताया. मुलायम ने अखिलेश की तीख़ी आलोचना तो की लेकिन नयी पार्टी बनाने के सवाल पर शिवपाल समर्थकों को तगड़ा झटका दिया. उन्होंने साफ़ कहा कि वह फ़िलहाल कोई नया दल नहीं बना रहे हैं. इस कांफ्रेंस में शिवपाल नहीं पहुंचे थे.

सूत्रों के मुताबिक़ जैसे ही ये कार्यकर्ताओं को मालूम चला कि नयी पार्टी फ़िलहाल नहीं बन रही है कुछ कार्यकर्ता फूट-फूट कर रोने लगे.वहीँ दूसरी तरफ़ अखिलेश यादव ने ट्वीट किया,”नेताजी ज़िंदाबाद समाजवादी पार्टी ज़िंदाबाद”. वैसे अखिलेश के इस ट्वीट में नज़र आ रही ख़ुशी की एक वजह ये भी हो सकती है कि मुलायम ने बेटा होने के नाते अखिलेश को आशीर्वाद दिया है.

पर ऐसा नहीं है कि नया सेक्युलर मोर्चा बनाने की बात अब ख़त्म हो गयी है. शिवपाल सिंह यादव ने कांफ्रेंस के ख़त्म होने के बाद लोहिया ट्रस्ट का रुख़ किया जहाँ उन्होंने कार्यकर्ताओं को समझाया और उन्हें इंतज़ार करने को कहा. शिवपाल ने ऐसे साफ़ संकेत दिए हैं कि वह जल्द नयी पार्टी बनायेंगे.इस नए दल के बारे में कहा जा रहा है कि ये ‘समाजवादी-सेक्युलर मोर्चा’ होगा.

गौरतलब है कि 2016 के जून से शुरू हुए इस अंदरूनी झगड़े में शिवपाल और अखिलेश में लगातार टकराव हुआ है. मुलायम ने इस पूरे दौर में शिवपाल का साथ दिया है जबकि अखिलेश के साथ रामगोपाल यादव रहे हैं. इस पूरे सियासी झगड़े में स्थिति इस क़दर तनावपूर्ण रही कि एक बार शिवपाल और अखिलेश मंच पर ही धक्का मुक्की की स्थिति में आ गए थे.

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