परिवारवाद की विरोधी भाजपा क्यूँ कर रही है अपने अध्यक्ष के बेटे का बचाव!

नई दिल्ली: दा वायर न्यूज़ वेबसाइट में भाजपा अध्यक्ष के बेटे जय अमित शाह के बारे में छपी ख़बर पर भाजपा का बचाव करना किसी के गले नहीं उतर रहा है. भाजपा की इस बात को लेकर आलोचना हो रही है कि जब मामला जय अमित शाह का है तो जय अमित शाह ख़ुद ही अपना पक्ष रख रकते हैं, भाजपा का उनके बचाव में आना ये इशारा करता है कि पार्टी में परिवारवाद का इशारा है.

2014 लोकसभा चुनाव से पहले जब रोबर्ट वाड्रा का मामला मीडिया में आता था तो कांग्रेस के बड़े नेता कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गाँधी के दामाद के बचाव में आ जाते थे.उस समय भाजपा ये सवाल पूछा करती थी कि आख़िर इस मामले में कांग्रेस नेता क्यूँ सफ़ाई देते फिरते हैं जबकि मामला तो एक ऐसे व्यक्ति से जुड़ा है जो पार्टी में किसी भी पोस्ट पर नहीं है. अब यही बात पलट कर भाजपा पर आ गयी है. अमित शाह के बेटे के बचाव में पूरी भाजपा सामने आ गयी है. कल केन्द्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने अमित शाह के बेटे का पक्ष रखते हुए प्रेस कांफ्रेंस की और कहा कि जय शाह दा वायर पर 100 करोड़ रूपये का मानहानि दावा करेंगे.

हालाँकि जितनी सफ़ाई भाजपा के नेता दे रहे हैं उतने ही सवाल उठ रहे हैं कि अगर भाजपा परिवारवादी पार्टी नहीं है तो फिर किसी के परिवार का बचाव क्यूँ?

गौरतलब है कि दा वायर न्यूज़ वेबसाइट ने रिपोर्ट छापी है जिसमें अमित शाह के बेटे जय अमित शाह की कंपनी की वित्तीय स्थिति में “आश्चर्यजनक” रूप से बदलाव आये हैं. इस बीच मशहूर वकील प्रशांत भूषण ने कहा है कि वो अमित शाह के बेटे के ख़िलाफ़ मुक़दमा लड़ेंगे.

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