3 विकल्पों के बाद क्या हार्दिक पटेल आएंगे कांग्रेस के साथ ?

 गांधीनगर: गुजरात की सियासत में कांग्रेस और बीजेपी के बीच चुनाव जीतने के लिए जद्दोजहद जारी है। 22 सालों में गुजरात की सत्ता में बैठी बीजेपी इसे बरकार रखने की हर संभव कोशिश कर रही है, वहीँ कांग्रेस सत्ता में वापसी के लिए हाथ पांव मार रही है।
इसी बीच पाटीदारों के आरक्षण का मुद्दा गर्माया हुआ है। पाटीदार नेता हार्दिक पटेल ने कांग्रेस को समर्थन देने के लिए उनके सामने कुछ शर्ते रखी थी।
इस मामले में कांग्रेस के साथ पाटीदार नेताओ की बातचीत हुई है जिसपर एक दो दिन में फैसला आने है। पाटीदार अनामत आंदोलन समिति (पीएएएस) की अपने समुदाय के लिए की गई आरक्षण की मांग को ध्यान में रखते हुए कांग्रेस ने बुधवार रात हुई बैठक में उन्हें 3 विकल्प दिए हैं। इस मीटिंग में हार्दिक पटेल मौजूद नहीं थे। पाटीदार नेताओं ने कहा कि इस पर पार्टी और लीगल एक्सपर्ट के साथ चर्चा के बाद ही कोई फैसला लिया जाएगा।

पीएएएस के संयोजक दिनेश बांभणिया ने बैठक के बाद कहा है की हमें कांग्रेस पार्टी ने इसके तीन विकल्प दिए हैं कि कैसे हमारे समुदाय को एजुकेशनल इंस्टिट्यूट और सरकारी नौकरियों में आरक्षण प्रदान किया जा सकता है।
इस मामले में समुदाय के सामाजिक नेताओं, कानून विशेषज्ञों के साथ इस पर विचार करने से पहले इन विकल्पों को सार्वजनिक नहीं किया जाएगा। इस पर विचार-विमर्श किया जायेगा और इसके बाद इन्हें समुदाय के सामने रखा जाएगा।

 

अगर समुदाय इन्हें स्वीकार कर लेता है, तो हम इस बारे में कांग्रेस पार्टी को सूचित कर देंगे।
वहीँ इस मामले में कांग्रेस के वरिष्ठ नेता कपिल सिब्बल ने कहा है की हमने पाटीदार नेताओं से सभी पक्षों से चर्चा की है। जिसमें पाटीदार आरक्षण के मुद्दे पर बात हुई है। इसमें फैसला लिया गया है कि सविधान के आधार पर ही पाटीदारों का रिजर्वेशन तय होगा। उम्मीद की जा रही हैं कि अगले 2-3 दिन में मामला साफ हो जाएगा।
आपको बता दें की इस विधानसभा चुनाव में कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी, राज्य में तीन युवा नेताओं को साथ लाकर बीजेपी को मात देने की कवायद में हैं।
जिसमें से ओबीसी समुदाय से जुड़े अल्पेश ठाकोर ने कांग्रेस का हाथ थाम लिया है। वहीँ हार्दिक पटेल और जिग्नेश मेवानी का फैसला आना अभी बाकी है।  गुजरात में 9 और 14 दिसंबर को विधानसभा चुनाव होने हैं। नतीजे 18 दिसंबर को आएंगे।

Leave a Reply

Your email address will not be published.