Women Achiever’s Series: डिप्रेशन पर बोलने वाली पहली अभिनेत्री दीपिका पादुकोण, आज लोगों की मदद के लिए चलाती हैं NGO

January 5, 2018 by No Comments

दीपिका पादुकोण फ़िल्मी दुनिया का ऐसा चेहरा हैं जिसे जो भी देखे तो नजर न हटा पाए। दीपिका देश और विदेश में दीपिका की खूबसूरती और उनके अंदाज के लोग कायल हैं। यही वजह है कि उनकी काफी लंबी चौड़ी फैन फॉलोइंग है।
आज दीपिका का जन्मदिन है। तो बात करते हैं दीपिका के यहाँ तक के सफर की। दीपिका का जन्म डेनमार्क के कोपेनहेगेन में बैडमिंटन खिलाड़ी प्रकाश पादुकोण और उज्जला पादुकोण के घर पैदा हुई। दीपिका की एक और बहन है। दीपिका बचपन में बैडमिंटन खिलाड़ी बनना चाहती थी। लेकिन कॉलेज में उन्होंने मॉडलिंग में अपना कैरियर बनाने का निर्णय लिया।

ग्लैमर की दुनिया ने दीपिका को अपनी तरफ इस तरह से आकर्षित किया कि उन्होंने मॉडलिंग शुरू कर दी और किंगफिशर के हॉट मॉडलिंग कैलेंडर शूट से सबकी नजरों में आ कर लिरिल, डाबर, क्लोज अप जैसे कई मशहूर ब्रांड्स के लिए कई विज्ञापन किए। मॉडलिंग के सफर में सफलता प्राप्त करने के बाद दीपिका ने अभिनय के क्षेत्र में कदम रखा, और आज दीपिका ने बॉलीवुड के साथ हॉलीवुड में भी अपनी बेहतर पहचान बना ली है।
दीपिका ने अपने फ़िल्मी सफर में विभिन्न भूमिकाएं निभाई हैं, जिन्हे दर्शकों ने काफी सराहा। इसके साथ दीपिका नारीवाद और अनेक मुद्दो पर मुखुर रही हैं, सोशल मीडिया पर काफी सक्रिय रहती हैं और देश में चल रहे किसी भी मामले में अपनी राय रखती हैं। बॉलीवुड इंडस्ट्री की चमक-दमक में कई बार फ़िल्मी सितारें अपनी निजी पहचान खो देते हैं।

वह अपना नजरिये को अपनी फ़िल्मी छवि के साथ जोड़कर रखने के डर से किसी मामले पर बोलने से परहेज करते हैं, लेकिन दीपिका ऐसा महिला हैं, जिन्होंने इस तरह के टैबू को तोड़ खुल कर किसी भी मामले में अपने विचार बहुत निडरता और बेबाकी से पेश किए हैं।
आज दीपिका बॉलीवुड की सबसे डिमांडिंग और टॉप एक्‍ट्रेस बन चुकी हैं, लेकिन अपनी फ़िल्मी सफर के शिखर पर पहुंचने के दौरान दीपिका को डिप्रेशन ने घेर लिया था। अक्सर हम डिप्रेशन को छोटी बीमारी का नाम देकर इसे इग्नोर करते हैं, या इसपर बात नहीं करना चाहते कि कोई हमें पागल न समझे।

लोग की विचारधारा है कि अपने करियर के चरम शिखर होना, पैसा होना निजी जीवन में सब कुछ ठीक-ठाक चल रहा हो तो उस शख्स की ज़िन्दगी बहुत सुखमयी होती है। लेकिन दीपिका पादुकोण जैसी शख्सियत को भी डिप्रेशन हो गया, लेकिन दीपिका और उनके परिवार ने इसे इग्नोर नहीं किया, बल्कि इसके लिए इलाज करवाया और डिप्रेशन के खिलाफ एक मजबूत लड़ाई लड़ी।
दीपिका ने अपने डिप्रेशन से लड़ने और उससे बाहर आने के अनुभव को लोगों के साथ सांझा किया, ताकि लोग मेंटल इलनेस को सीरियसली लें और उसे समझे। दीपिका ने बताया कि साल 2014 में एक फिल्म की शूटिंग के दौरान वह बेहोश हो गई थी, फ़िर भी उन्होंने बिना परवाह किए अपनी आने वाली फिल्मों के लिए जमकर काम किया।

लेकिन इस चकाचौध में वह उनके अंदर पनप रहे चिड़चिड़ेपन और खालीपन के एहसास को महसूस कर रही थी, और बहुत परेशान हो रही थी। इस बारे में दीपिका ने अपने परिवार के साथ बात की और मनोचिकित्सक की काउंसलिंग और दवाईओं से खुद को ठीक किया। दीपिका अपने दोस्त की आत्महत्या और अपने निजी अनुभवों के कारण वह डिप्रेशन की शिकार हो गई थी।
डिप्रेशन के खिलाफ अपनी लड़ाई जीतने के बाद दीपिका ने ऐसे लोगों की मदद करने का सोचा जो डिप्रेशन से जूझ रहे हैं।
दीपिका ने इसके लिए लिव,लव, लाफ नाम के एक एनजीओ का निर्माण किया। जो भारत में मानसिक स्वास्थ्य पर जागरूकता पैदा करने का काम करता है।
इसके साथ उन्होंने डिप्रेशन से पीड़ित रोगियों के इलाज में सामान्य चिकित्सकों की सहायता के लिए मोर थान जस्ट सैड नामक एक अभियान चलाया। आज दीपिका Indian Psychiatric Society नाम के एनजीओ को ब्रांड एम्बेसडर हैं और डिप्रेशन से जूझ रहे लोगों के लिए उनकी जंग जारी है। इस दीपिका ने विश्व स्वास्थ्य दिवस पर इस संदेश का प्रसार करने के लिए कर्नाटक सरकार के साथ हाथ मिलाया है।

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