Women Achiever’s Series: हिजाब पहन कर स्केटिंग करने वाली ये पहली महिला, जिन्हे कहा जाता है सऊदी अरब की “आइस प्रिंसेस”

December 7, 2017 by No Comments

अपनी सभ्यता और असूलों के साथ सपनों को पूरा करना आसान नहीं होता। अपनी मंज़िल को पाने का सफर तय करने के दौरान बहुत सी कड़ी मुश्किलों का सामना करना पड़ता है। दुनिया में हमेशा ही महिलाओं के लिए बहुत सी बंदिशें बनाई गई है। जिन्हे तोड़ पाना किसी चक्र्व्यूह से कम नहीं होता।
लेकिन जज्बा हो तो कुछ भी हासिल कर पाना भी एक अहम सच है। हिम्मत और लगन की बदौलत हम मुश्किल सफर पर भी चल निकले तो मंजिल नजर आने लगती है। वीमेन एचीवर सीरीज में आज हम बात करेंगे सऊदी अरब की जारा लारी की। जिन्हे अब दुनिया भर में आइस प्रिंसेस के नाम से भी जाना जाता है।
२२ साल की ज़ारा ने स्केटिंग को अपना प्रोफेशन बनाया है। ज़ारा लारी ऐसी पहली महिला हैं। जिन्होंने हिजाब को पहन कर स्केटिंग की। ज़ारा का जन्म 3 मार्च 1995 में अबू धाबी में हुआ था। ज़ारा के पिता सऊदी अरब से हैं, जबकि उनकी माँ अमेरिका के नार्थ कैरोलिना से हैं।
11 साल की उम्र में ज़ारा ने डिज्नी की फिल्म आइस प्रिंसेस देखी थी। जिससे वह इतनी प्रभावित हो गई की उनके मन में भी स्केटिंग करने की तमन्ना जाग उठी।
इसका सफर तब शुरू हो गया जब ज़ारा ने 13 साल की उम्र में स्केटिंग सीखनी शुरू कर दी थी। उन्होंने अबू धाबी में जैद स्पोर्ट्स सिटी से स्केटिंग की ट्रेनिंग हासिल की है। ज़ारा की माँ ने शुरूआती सफर से ही उनका साथ दिया। लेकिन उनके पिता स्केटिंग को उनका एक शौंक मान कर ही चल रहे थे। उनका मानना था कि हमारी सामान्य परंपराओं और संस्कृति के खिलाफ है। इसलिए ज़ारा ने नेशनल स्केटिंग की प्रतियोगिता में हिस्सा न लेने का फैसला किया।
लेकिन स्केटिंग प्रतियोगिता में जब उन्होंने ज़ारा को अपने साथियों के लिए खुश होते देखा तो उनको ज़ारा के स्केटिंग को प्रोफेशन बनाने के ख्वाब का एहसास तब हुआ। उन्हें पता लग गया कि वह इसे लेकर बहुत उत्साही है। जिसके बाद उन्होंने ज़ारा को आगे बढ़ने के लिए इजाजत दे दी।

गौरतलब है कि एक रूढ़िवादी मुस्लिम देश में, जहां महिलाओं के लिए कुछ तरह के ही पहनावे निश्चित किये गए हैं। वहां फिटिंग वाले वस्त्र पहनने की उम्मीद न के बराबर है। ऐसे में स्केटिंग के लिए अपनी दिनचर्या में प्रदर्शन करना आसान काम नहीं था। इस प्रोफेशन में ज़ारा को भी हिजाब पहन कर स्केटिंग करने में परेशानियों का सामना करना पड़ा।

साल 2011-12 में उसकी जूनियर इंटरनेशनल डेब्यू में कैनज़ी में हुए इटली में यूरोपीय कप में उनके हिजाब के कारण उसे एक कटौती मिली, क्योंकि यह वेशभूषा का स्वीकृत हिस्सा नहीं था। लेकिन बाद में आईएसयू के साथ इस मुद्दे को उठाने के बाद, उन्होंने नियम बदल दिया। अब वह ऐसी पहली महिला हैं, जोकि इंटरनेशनल प्रतियोगिताओं में हिजाब पहन कर परफॉर्म करती हैं।
ज़ारा आज दुनिया भर में इंटरनेशनल स्केटिंग प्रतियोगिताओं में जीत हासिल कर अपने देश का नाम रोशन कर चुकी हैं। जारा का मानना है कि दुनियाभर में उनके जैसी कई महिलायें हैं, जिनको उनकी स्टोरी उनके सपने पूरे करने के लिए प्रभावित करेगी।
“मैं सभी युवा महिलाओं से कहना चाहती हूँ कि उनके जुनून को खोजने के लिए, रास्ते में आने वाली छोटी बाधाओं को पहाड़ों जैसा नहीं देखें। बल्कि उसे पाने की कोशिश करते रहें।

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