योगी सरकार के आदेश के बाद बोरे बेचेंगे सरकारी शिक्षक

November 4, 2018 by No Comments

लखनऊ. उत्तर प्रदेश के सरकारी स्कूलों को गिरता स्तर किसी से छुपा नही है जहाँ शिक्षा सरकारी स्कूलों में हाशिए पर चली गयी है वही सरकारी स्कूलों के अध्यापकों को कभी चुनावी वोटिंग, कभी किसी अन्य काम में लगा दिया जाता है जिससे बच्चों की क्लास नियमित रूप से चल नही पाती। इसी कड़ी में योगी सरकार अब बच्चों को पढ़ाने के साथ–साथ बोरा बेचकर कमाई भी करनी होगी। मध्यान्ह भोजन प्राधिकरण उत्तर प्रेदश लखनऊ द्वारा जारी 2 नवंबर को जारी शासनादेश में कहा गया है कि प्राइमरी स्कूलों के टीचर मध्यान्ह भोजन के तहत आपूर्त किए जाने वाले खाद्यान्न के बोरों का समुचित उपयोग करें अौर इसे अच्छे दामों में बेचकर स्कूल की आय में बढ़ोत्तरी करें।

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री ने यह शासनादेश जारी किया है और प्रदेश के समस्त जिला बेसिक शिक्षा अधिकारियों को भेजे गए पत्र में कहा गया है कि इधर प्राइमरी स्कूल में हर महीने कम से कम से तीन चार बोरे खाली होते है। इन बोरे में मिड डे मील के लिए खाद्यान्न भेजा जाता है। अध्यापक खाद्य समाग्री खाली होने पर इन बोरों को सुरक्षिक रखें अौर खाली बोरो की गणना हर स्कूल में अलग से आय व्यय पंजिका में की जाए। बोरे एकत्र हो जाने पर उसे महंगी दरो में बेचा जाए। वहीं उनसे प्राप्त आय को स्कूल के लिए कंटेनर खरीदने के काम में लाया जाए, जिसमें मिड डे मील में काम आने वाले तेल, मसाले आदि को रखा जाए।

सरकार के इस आदेश के बाद जनता में काफी रोष हैं।दो नवंबर को जारी इस आदेश के बाद अध्यापकों में रोष व्याप्त है। उनका कहना हैं कि अब बोरे बेचने का काम रह गया था, सरकार यह काम भी करवा रही है। आखिरकार शिक्षक किस लिए होते है उनका मूल कार्य क्या है, आखिर जब उन्हें अन्य कार्यो में लगा दिया जाएगा तो ,गाँव के ग़रीब किसान मजदूर के बच्चे जिनकी शिक्षा आज भी प्राइमरी स्कूलों पर ही निर्भर है उनके भविष्य का क्या होगा।

फिलहाल योगी सरकार के इस फरमान से विपक्षी दल हमलावर है सरकार का कहना है कि वह इसलिए ऐसा आदेश जारी कर रहे है जिससे बोरा बेच के मिलने वाली राशि से मिड डे मील की मीन्यू अौर कीचन की वॉल पेंटिग करवाई जाए। बाकि बची राशि से स्कूल की स्वच्छता अौर कीचन,गार्डन की आवश्यक सामाग्री की खरीद में व्यय किया जाए। कुल मिलाकर बोरो से प्राप्त आय का उपयोग मिड डे मील योजना से जड़े कार्यों में ही हो।

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