जेपी के जन्मदिवस पर गोष्टी को योगी की पुलिस ने बीच में रोका..

लखनऊ: जय प्रकाश नारायण की 115वीं सालगिरह के मौक़े पर उत्तर प्रदेश की राजधानी में गोष्टी का आयोजन किया गया. इस गोष्टी का टॉपिक “जेपी और छात्र आन्दोलन” था.

स्टूडेंट्स मैंडेट की ओर से आयोजित इस गोष्टी में युवा नेताओं ने भी शिरकत की और आम छात्र भी इसमें भाग लेने पहुंचे. इस मौक़े पर स्टूडेंट्स मैंडेट की ओर से ज्योति राय ने जय प्रकाश नारायण की ज़िन्दगी के बारे में कुछ बातें साझा कीं. उन्होंने कहा कि ये वो दौर है जब कि छात्रों को छोटी छोटी बातों के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है. यूथ कांग्रेस के नेता शैलेश शुक्ला ने कहा कि यूनिवर्सिटी में कई विचारधाराएँ रहती हैं और हर किसी को अपनी विचारधारा पर काम करने का अधिकार है लेकिन मौजूदा सरकार चाहती है कि सिर्फ़ एक ही विचारधारा की बात हो.

प्रशांत मिश्र कहते हैं कि ये वो दौर है जब कि छात्र संघर्ष कर रहा है लेकिन कहीं ना कहीं इसे नेता की कमी महसूस हो रही है. उन्होंने कहा कि देश को एक बार फिर जय प्रकाश नारायण की ज़रुरत मह्सूस हो रही है. युवा नेता वैभव मिश्रा ने जेपी आन्दोलन की ख़ामियों को भी सामने रखा. उन्होंने कहा कि अगर 2014 में भाजपा की नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सरकार बनी है तो उसकी ज़िम्मेदारी भी जेपी आन्दोलन पर ही आएगी. BBAU के छात्र दिनेश तिवारी ने जेपी को याद करते हुए कहा कि पूरे देश में हो रहे छात्र आन्दोलनों के लिए जेपी प्रेरणास्त्रोत हैं.

लखनऊ विश्विद्यालय में पाश्चात्य इतिहास के छात्र रहे सौरभ सिंह ने मौजूदा छात्र-राजनीति की कमियों को सामने रखा. उन्होंने कहा कि इस वक़्त छात्र नेताओं के लिए सबसे ज़रूरी ये है कि आम छात्रों से मिलें. गोष्टी में AIDSO के वीरेन्द्र त्रिपाठी ने भी अपने विचार रखे. त्रिपाठी ने बताया कि लखनऊ विश्विद्यालय की छात्र-राजनीति को सबसे बड़ा नुक़सान कुछ व्यक्तिगत हित रखने वाले छात्र-नेताओं की गुंडागर्दी की वजह से हुआ है. गोष्टी का संचालन अरगवान रब्बही ने किया.

कार्यक्रम समाप्ति के कुछ देर पहले ही वहाँ पुलिस आ गयी और ज़बरदस्ती जगह पार्क से लोगों को भगाया जाने लगा. इस पर स्टूडेंट्स मैंडेट के सदस्यों ने उन्हें कहा कि शालीनता से भी बात हो सकती है लेकिन उत्तर प्रदेश पुलिस के लोगों ने कहा कि उन्हें शालीनता से बात करना नहीं आती.

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