योगी सरकार ने उड़ाया किसानों का मज़ाक़?; वादा 1 लाख क़र्ज़ माफ़ी का था, माफ़ किये 19 पैसे..

लखनऊ: उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव से पीला बड़े बड़े वादे करके भाजपा ने इलेक्शन तो जीत लिया है लेकिन अब वो उन वादों को निभाने में कच्ची नज़र आ रही है. भारतीय जनता पार्टी ने चुनाव के बाद भी यही कहा था कि वो उन वादों को पूरा करेगी जो उसने चुनाव के दौरान किये थे. इन्हीं में से एक बड़ा वायदा था किसानों की क़र्ज़ माफ़ी का. राज्य सरकार ने कहा था कि किसानों के सभी क़िस्म के क़र्ज़ माफ़ किये जायेंगे.

उसके बाद ये भी घोषणा हो गयी कि किसानों के क़र्ज़ माफ़ी प्रक्रिया शुरू हो गयी. इसके बाद ख़बरें आना शुरू हुईं कि किसानों के क़र्ज़ माफ़ हो रहे हैं लेकिन जब चर्चा बढ़ी तो पता लगा कि जहां 1 लाख के लोन माफ़ी की बात थी वहाँ तो 1000 भी नहीं माफ़ हो रहे.

इटावा से ख़बर है कि किसान का 19 पैसा क़र्ज़ माफ़ हुआ है तो किसी का 50 पैसा. बलरामपुर के किसानों का भी यही हाल है. किसानों ने बताया कि जितना पैसा फॉर्मेलिटी में ख़र्च हो गया उतना भी तो नहीं वापिस हुआ है. 10 पैसे, 20 पैसे.. तो किसी का 90 रूपये. किसानों में इस बात को लेकर सख्त नाराज़गी है.

वहीँ इस आलोचना से बचाव मुद्रा में आते हुए भाजपा सरकार में कैबिनेट मंत्री सत्यदेव पचौरी कहते हैं कि ये आरोप सही नहीं हैं और कुछ किसानों के एक लाख, 80 हज़ार और 90 हज़ार भी माफ़ हुए हैं.

अगर पचौरी के बयान को ठीक भी माना जाए तो वो लोग कितनी संख्या में हैं जिनका इतना पैसा माफ़ हुआ है और अगर किसी किसान का क़र्ज़ 10 पैसा माफ़ हो रहा है तो इसको लेकर सरकार अपनी पीठ क्यूँ थपथपा रही है.

किसान इस बात से ख़ासे नाराज़ हैं और कह रहे हैं कि ये उनके साथ मज़ाक़ हुआ है. मज़े की बात ये है कि उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार ने इसको लगातार अपनी उपलब्धि की तरह प्रचारित किया था.

Leave a Reply

Your email address will not be published.