मुल्क में नफ़रत फैलाने का काम करती है ‘दंगा कराओ समिति’, इसके दलदल से युवाओं को निकाला जाएगा

January 12, 2018 by No Comments

इन दिनों देश में बेरोज़गारों की तादाद बहुत है और हमारी सरकार के पास रोज़गार की कोई ख़ास व्यवस्था भी नहीं है.अब रोज़गार यूँ तो किसी को नहीं मिल रहा है लेकिन कहीं ना कहीं सबको ये लगता है कि दूसरे को मिल जा रहा है…सवर्ण को लगता है, यादव को मिल रहा है..यादव को लगता है दलित को, दलित को लगता है सवर्ण को, लड़के को लगता है लड़की को, लड़की को लगता है लड़के को.. हिन्दू को लगता है मुस्लिम को और मुस्लिम को लगता है हिन्दू को और ऐसे ही.. लेकिन रोज़गार मिल किसी को नहीं रहा. वैसे ऐसा भी नहीं कि रोज़गार किसी को मिल नहीं रहा.

रोज़गार के लिए देश की सत्ता में बैठे एक दल ने रोज़गार देने की कुछ व्यवस्था की है. इस बारे में एक समिति का गठन किया गया है, इस समिति का नाम है “दंगा कराओ समिति”. यूँ तो इस समिति का नाम कभी सुनने को नहीं मिलता है लेकिन ये समिति लगातार अपना काम सोशल मीडिया और दूसरे माध्यम से बख़ूबी करती रहती है. अक्सर करके इसमें बेरोज़गार युवकों की भर्ती की जाती है. ये एक मात्र ऐसी बंधुआ-मज़दूरी है जिसमें कुछ निहायत ही ख़राब दिमाग़ के लड़कों को भर्ती किया जाता है. इनकी ट्रेनिंग ट्विटर और Whats App से हो जाती है बाक़ी कुछ शाखाएँ बनायी गयी हैं जहाँ पर इन्हें दंगा कैसे किया जाता है ये भी बताया जाता है. कुछ ऐसे भी हैं जो शांति के समय में झुण्ड लेकर निकलते हैं और पार्क में बैठे लड़के-लड़कियों को परेशान करते हैं. लगातार नफ़रत भरे मेसेज पढ़ने के बाद जब जब इन्हें ऐसा लगता है कि कोई प्यार में है तो ये उसे बर्दाश्त नहीं कर पाते.परन्तु इन्हें किसी भी काम के लिए पैसे नहीं दिए जाते, ये दंगे-फ़साद में जितना लूट पाते हैं वही इनका होता है.

मज़े की बात ये है कि दंगा कराओ समिति अपने सोशल मीडिया हैंडल के ज़रिये नए-नए शब्द भी अपने युवकों को देती रहती है जैसे लव-जिहाद, गौ-रक्षा.इन्होने कुछ लोगों को बस इस काम में लगाया है कि वो लोगों के टिफ़िन सूंघे. बेरोज़गारी से जूझ रहे इस समाज के इन बदहाल लड़कों ने यूँ भी कई दिनों से अच्छा खाना नहीं खाया होता तो जब इन्हें ऐसा लगता है कि कुछ बहुत ख़ास है तो ये होश खो बैठते हैं. ‘दंगा कराओ समिति’ ने इस तरह की व्यवस्था हर राज्य में कर रखी है जहाँ पर ये कभी दलितों पर तो कभी मुसलमानों पर तो कभी किसी दूसरे समाज के ऊपर हमला करते हैं. गुजरात हो, राजस्थान हो, झारखण्ड हो या बिहार, या फिर कश्मीर..पर अब ये समिति बहुत दिन टिकती नहीं नज़र आ रही. अमनपसंद आवाज़ें तेज़ हो रही हैं जो इनका ‘रोज़गार’ छीन कर सही रोज़गार की व्यवस्था करेंगी. ऐसी व्यवस्था जिसमें हिन्दुओं को भी रोज़गार होगा, मुसलमानों को भी, दलित को भी, यादव को भी, ठाकुर को भी, ब्राह्मण को भी..लड़की को भी, लड़के को भी, सभी को रोज़गार होगा. और ‘दंगा कराओ समिति’ के दलदल में फंसे युवकों को बाहर निकाला जाएगा जिसके बाद मुल्क में लव-जिहाद वाले नहीं, बल्कि प्यार, इश्क़, मुहब्बत जिंदाबाद वाले लोग रहेंगे.

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अरगवान रब्बही
(सदस्य, यूथ मैंडेट)

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