यूथ मैंडेट: अपनी राजनीतिक और सामाजिक भागीदारी तय करने के लिए आगे आएं देश के युवा

January 12, 2018 by No Comments

यूथ दिवस पर भारत दुनिया की ओर से प्रियंका शर्मा ने यूथ मैंडेट के सदस्य ज्योति राय से बात की.

प्रियंका शर्मा:पहले तो हमें यूथ मैंडेट में बारे में बताईये, इसका आप क्या ऑब्जेक्टिव लेकर चल रहे हैं ?

ज्योति राय: देश में 55 प्रतिशत आबादी यूथ हैं। इसके बावजूद भी आजादी से पहले और बाद भी यूथ का देश में होने वाले किसी भी नेशनल मूवमेंट का काफी महत्वपूर्ण रोल रहा है। आप देखें तो हाल ही में हुए अन्ना आंदोलन में और भ्रष्टाचार के खिलाफ होने वाले अन्य आंदोलनों में भी यूथ को काफी आशाएं थी। युवाओं के सामने आज भी कई सवाल खड़े हुए हैं। ऐसे आंदोलनों के बाद पार्टियों में बंट जाते हैं। तो उसमें युवा कहाँ रह जाता है, उसकी कोई भूमिका नहीं रह जाती। नीतियां भी उसी धर्रे पर तय होने लगती हैं। यूथ जिस आशा से, कि हमें रोजगार मिलेगा, आर्थिक और सामजिक नीतियों में उनकी कोई भागीदारी होगी, ये सारे सवाल वहीँ के वहीँ धरे रह जाते हैं। इसको देखते हैं, इसका निधान ये है कि युवाओं को खुलकर सामने आना चाहिए और ये कहना चाहिए हमारी सामाजिक भागीदारी तय होनी चाहिए, नीतियां उनके हिसाब से तय होनी चाहिए।

प्रियंका शर्मा: जो युवा कॉर्पोरेट जगत में काम कर रहे हैं, ऐसे जो पॉलिटिक्स में कम जुड़े हुए हैं, उन्हें इसपर जागरूक कैसे करेंगे आप ?

ज्योति राय: इसके लिए हम नेशनल लेवल पर इस कैंपेन को चलाएंगे। इसके लिए हम ज्यादा से ज्यादा युवाओं से जुड़ेंगे और उनसे बात करेंगे। ये जाने की कोशिश करेंगे की उनकी इसपर क्या राय हैं। हमने अब तक जितने भी युवाओं से बातचीत की है, ऐसे नहीं लगता की यूथ पॉलिटिक्स से कटा हुआ है। क्यूँकि अगर वह इससे जुड़ा हुआ नहीं होता तो ऐसे मामलों पर वह किसी भी तरह की राय नहीं रखता। जैसे उन्हें कांग्रेस को सत्ता से हटाकर मोदीजी को प्रधानमंत्री बनाना तो वह क्यों उनके समर्थन में कैंपेन करने जाता।

आज का यूथ कोई न कोई तो पोलिटिकल स्टैंड ले रहा है। जैसे की देश का युवा वर्ग हमेशा किसी न किसी का पक्ष लेता आया है। लेकिन अभी तक उसने अपना पक्ष नहीं लिया है। लेकिन उन्होंने कभी अपना पक्ष नहीं लिया है तो हम उन्हें जागरूक करेंगे की आप अपने पक्ष में आईये और अपनी बात कहिये और अपनी राजनीतिक और सामाजिक भागीदारी की बात करें। जैसे आजकल का युवा यूपी से बीटेक करके बंगलौर में नौकरी करने जाना पड़ता है। क्यूँकि हब वहीँ पर है और वहां जाकर उनसे ऑफिस में 18 घंटे तक काम लिया जाता है। वहां उनका शोषण हो रहा है, लाइफ की सिक्योरिटी नहीं है। बहुत सी ऐसी समस्याएं हैं जिनसे वह जूझ रहा है। उन्हें एक पोलिटिकल प्लेटफार्म की जरूरत है, जिसपर आकर वह अपनी बात कह सकें।

प्रियंका शर्मा: आपकी नजर में आज पॉलिटिक्स में यूथ का आना कितना मायने रखता है ?

ज्योति राय: आज का युवा पॉलिटिक्स में खुल कर आगे आ रहा है, जोकि बहुत ही पॉजिटिव है, लेकिन हमें सोशल जस्टिस के साथ और इकनोमिक जस्टिस की बात भी करनी चाहिए। क्यूंकि सोशल जस्टिस के साथ ये भी जरूरी है, जैसे यूपी में रहने वाले लड़का अगर दिल्ली में आकर नौकरी कर रहा है, फिर भी वह इकनोमिक प्रॉब्लम से लगातार जूझ रहा है। इसलिए इकनोमिक जस्टिस के लिए भी कदम उठाना भी बहुत जरूरी है। जितना ज्यादा सेंट्रलाइज़शन ऑफ़ इकॉनमी होता जायेगा। उतना ज्यादा इकनोमिक जस्टिस भी महत्वपूर्ण होता जाएगा।

प्रियंका शर्मा: आज नेशनल यूथ डे पर आप देश के युवाओं को क्या सन्देश देना चाहेंगे ?

ज्योति राय: इस दिन पर मैं युवाओं को ये सन्देश देना चाहूंगा कि उन्हें अपनी राजनीतिक भागीदारी तय करने के लिए आगे आना चाहिए और अपने पक्ष में बात करनी चाहिए।

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