सपा के युवा नेता ने कही बड़ी बात-‘भाजपा सरकार देश को हिन्दू-मुस्लिम के आधार पर बाँटना चाहती है’

October 30, 2018 by No Comments

समाजवादी पार्टी के युवा नेता महेंद्र यादव लखनऊ विश्विद्यालय राजनीति में लगातार सक्रिय हैं. महेंद्र ने अपने छात्र जीवन में लगातार अहम् मुद्दों पर अपना पक्ष रक्खा है. भारत दुनिया की ओर से अरग़वान रब्बही ने महेंद्र यादव से बात की. बातचीत के अंश हम अपने पाठकों के लिए साझा कर रहे हैं.

उत्तर प्रदेश की युवा राजनीति को आप किस तरह से देखते हैं?
उत्तर प्रदेश एक ऐसा प्रदेश है जहाँ पर राजनीति में हमेशा युवाओं की भागीदारी बढ़ चढ़ कर रही है,हमेशा नौजवानों ने दूसरे क्षेत्रों में भी काम करते हुए राजनीति में सक्रियता दिखाने का काम किया है और उत्तर प्रदेश में आने वाले समय में एक स्वच्छ राजनीति का रास्ता दिखाने का अगर कोई काम करेगा तो उत्तर प्रदेश का नौजवान करेगा। उत्तर प्रदेश में अगर किसी दल ने नौजवानों को सबसे ज्यादा मौक़ा दिया है तो उस दल का नाम समाजवादी पार्टी है और उस नेता का नाम आदरणीय मुलायम सिंह यादव है।अखिलेश यादव जी का भी रास्ता साफ़ है वह भी नौजवानों को राजनीति में तवज्जो दे रहे हैं उनकी पार्टी में सबसे ज्यादा विधायक और एमएलसी नौजवान है इससे साफ है कि आने वाले समय में भी उत्तर प्रदेश की राजनीति युवाओं पर ही केंद्रित रहेगी।

लखनऊ विश्विद्यालय में पिछले दिनों काफ़ी हँगामा रहा, उस पर क्या कहना चाहेंगे?
लखनऊ विश्वविद्यालय में जब से एसपी सिंह जी कुलपति बने हैं, विश्वविद्यालय के अंदर एक अजीब सा माहौल हो गया है। छात्रों के अंदर अपने शिक्षकों और प्रशासनिक अधिकारियों के प्रति अविश्वास पैदा हो गया है वहीं दूसरी तरफ कुलपति महोदय छात्रों के मूलभूत सुविधाओं पर ध्यान ना देकर सरकार की चापलूसी में लगे हुए हैं।और जहाँ तक बात विश्वविद्यालय में हंगामे की है तो मेरा अपना मानना है विश्वविद्यालय एक स्वायत्त संस्था है जहां पर किसी भी विचारधारा के एजेंडे को लागू करना गलत होगा लेकिन कुलपति महोदय विश्वविद्यालय के लिए काम ना करके सिर्फ और सिर्फ एक विचारधारा के लिए काम करते हैं जिसकी वजह से विश्वविद्यालय के अंदर हंगामे का माहौल रहता है।

कहीं न कहीं युवा ही देश का भविष्य माना जाता है और युवा नेता ही आगे देश की राजनीति करता है… तो सवाल ये है कि इस समय देश का युवा क्या सोच रहा है? उसके लिए रोज़गार का मुद्दा अहम है या वो भी हिन्दू-मुस्लिम राजनीति का शिकार है?
देखिए नौजवान पूरे देश में इस सरकार के खिलाफ बिगुल फूंक चुका है क्योंकि कहीं ना कहीं भारतीय जनता पार्टी हिंदू और मुस्लिम में इस देश को बांटना चाहती है और इस देश पर राज करना चाहती है।लेकिन हम नौजवान इनके एजेंडे को लागू नहीं होने देंगे। विकास की बात करने पर इनको मजबूर कर देंगे या तो इन्हें सत्ता से बाहर कर देंगे। पूरे देश के विश्वविद्यालयों का नौजवान अपने मूलभूत (शिक्षा,सुरक्षा,रोजगार आदि) प्रमुख मुद्दों पर बोल रहा है और अपनी लड़ाई को मजबूती के साथ लड़ भी रहा है।

लखनऊ के कई युवा नेताओं ने दलगत राजनीति में प्रवेश किया है और कई युवा नेताओं ने अपनी शुरुआती राजनीतिक विचारधारा से अलग पार्टी जॉइन की है.. क्या कारण है कि युवा नेताओं को भी अपनी विचारधारा से समझौता करना पड़ रहा है?
राजनीतिक विचारधारा का होना सबसे महत्वपूर्ण पहलू है। क्योंकि जब व्यक्ति राजनीति करता है तो उसकी अपनी विचारधारा होती है या फिर वह उस विचारधारा के साथ जाता है जो उसके क़रीब होती है। हां यह बात सही है कि कुछ लोग जो मौकापरस्त होते हैं वह अपनी विचारधारा से भी समझौता कर लेते हैं।

हमने देखा है कि आजकल जो फ़ेसबुक पर अपने फॉलोवर बना लेता है उसे बड़ा नेता मान लिया जाता है भले उसे ज़मीन पर उतना समर्थन न मिलता हो… ऐसा युवाओं में ज़्यादा देखा जा रहा है और ऐसे नेताओं को पार्टियों से सम्मान भी मिल जाता है… क्या अब युवा नेताओं को सिर्फ़ लाइक्स और शेयर से ही मतलब रह गया है?
हाँ यह बात सही है कि आज के समय में एक नेता की ताक़त का अंदाजा सोशल मीडिया पर मिले लाइक्स और शेयर से लगाया जाता है।लेकिन जो व्यक्ति ज़मीन पर मेहनत करता है उसकी मेहनत को दबाया नहीं जा सकता कहीं ना कहीं वह निखर कर आ ही जाता है। लखनऊ विश्वविद्यालय के बहुत सारे नाम हैं जिन्होंने अपनी मेहनत के बदौलत इस प्रदेश की राजनीति मे स्थान बनाने का काम किया है।

समाजवादी पार्टी युवाओं के बारे में क्या राय रखती है?
समाजवादी पार्टी हमेशा नौजवानों की हिमायत करती है। नौजवानों को सबसे ज्यादा अगर विधायक और मंत्री किसी पार्टी ने बनाया है तो समाजवादी पार्टी ने बनाया है,माननीय नेता जी ने हमेशा नौजवानों को आगे बढ़ाया और उन्हीं के नक्शे कदम पर चलते हुए समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष आदरणीय अखिलेश यादव जी भी नौजवानों को आगे बढ़ा रहे हैं। माननीय नेता जी ने कहा था कि समाजवादी पार्टी कभी बूढ़ी नहीं होगी,उनके इस बयान से साफ है कि समाजवादी पार्टी में नौजवानों को सबसे ज्यादा तवज्जो दी जाएगी।

महेंद्र यादव को मौक़ा मिला तो क्या वो चुनाव लड़ेंगे?
बिल्कुल! जनता का सेवा करने का अगर मौका मिलेगा तो बिल्कुल किया जाएगा और मैं अपने आप को सौभाग्यशाली समझूंगा कि आज जब संघर्ष के माध्यम से जनता की सेवा कर रहा हूं और अगर जनता ने चाहा तो सड़क से लेकर सदन तक जनता की लड़ाई लड़ने का काम करूंगा।

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *