जिससे ड’रते थे बड़े-बड़े बल्लेबाज़, उसका नाम है ज़हीर ख़ान..

October 15, 2018 by No Comments

भारतीय क्रिकेट ने पिछले कुछ सालों में नई बुलंदियों को छुआ है. देखा जाए तो इसका श्रेय पूर्व कप्तान सौरव गांगुली को दिया जाता है क्यूँकि जब उन्होंने कप्तानी संभाली थी तब भारतीय क्रिकेट सट्टेबाज़ी के साए को झेल रहा था. उसके पहले भी देखें तो अज़हर के समय भारत ने जीतना तो शुरू कर दिया था लेकिन विदेशी धरती पर भारत का जीतना मुश्किल हो जाता था. सौरव की सबसे बड़ी ख़ास बात ये थी कि उन्होंने एक शानदार टीम बनायी थी. सौरव की ही खोज कहे जा सकते हैं ज़हीर ख़ान. ज़हीर ने अपने करीयर की शुरुआत सन 2000 में की.

उन्होंने केन्या के ख़िलाफ़ अपना पहला एकदिवसीय अन्तराष्ट्रीय मैच खेला जिसमें उन्होंने तीन विकेट झटके. नैरोबी में खेली गयी ICC नाकआउट ट्राफी में केन्या के ख़िलाफ़ तो ज़हीर का प्रदर्शन अच्छा था लेकिन उनकी गेंदबाज़ी का असली नमूना ऑस्ट्रेलिया के ख़िलाफ़ देखा गया. ये उनका दूसरा एकदिवसीय मैच था और टूर्नामेंट का क्वार्टर फाइनल भी. इस मैच में पहले तो उन्होंने एडम गिलक्रिस्ट को चलता किया और बहुत ही महतवपूर्ण समय में क़द्दावर ऑस्ट्रलियाई खिलाड़ी स्टीव वाघ को क्लीन बोल्ड कर दिया. जानकार इसे ज़हीर के करीयर की शुरुआत मानते हैं.

उन्होंने अपने टेस्ट करीयर की शुरूआत भी इसी साल बांग्लादेश के ख़िलाफ़ की. ज़हीर की गेंदबाज़ी की ख़ास बात ये थी कि वो बहुत चतुराई से एक ऐसा माहौल तैयार करते थे कि बड़े खिलाड़ी उसमें फँस जाते थे. उन्होंने ग्रीम स्मिथ, मैथेव हेडेन, कुमार संगकारा जैसे खिलाड़ियों को बार-बार अपने जाल में फंसाया. उनका प्रदर्शन टेस्ट में भी शानदार था और एकदिवसीय में भी. 2003 में खेले गए विश्व कप में भारत फाइनल तक पहुंचा और उसमें बड़ी भूमिका ज़हीर की गेंदबाज़ी की भी थी.

Rahul Dravid Zaheer Khan


सन 2005 में उनकी परफॉरमेंस ख़राब होने लगी और उन्हें टीम से बाहर भी रहना पड़ा. परन्तु सन 2006 में उन्होंने वापसी की. सन 2008 के बाद से उनकी गेंदबाज़ी में एक नई धार आ गयी और उन्हें क्रिकेट जगत में रिवर्स स्विंग का बादशाह माना जाने लगा. वो एक ऐसे गेंदबाज़ हैं जिन्हें गेंदबाज़ी कोच भी कहा जाने लगा था. उन्होंने जेम्स एंडरसन जैसे गेंदबाज़ को तकनीक बतायी. उन्होंने भारत की पूरी गेंदबाज़ी की काया पलट दी. सन 2011 में हुए विश्व कप को भारत ने जीता और इसमें ज़हीर की भूमिका अहम् रही. उन्होंने पूरे टूर्नामेंट में 21 विकेट लिए. वर्ल्ड कप 2011 में जहीर ने 9 मैचों में 21 विकेट झटके थे. इसी टूर्नामेंट में पाकिस्तान के पूर्व खिलाड़ी शाहीद अफरीदी ने भी 21 विकेट हासिल किए थे. जहीर ने वर्ल्ड कप 2003, 2007 और 2011 में टीम इंडिया के लिए सबसे ज्यादा विकेट लेने का रिकॉर्ड बनाया है. वर्ल्ड कप 2011 में टीम इंडिया ने खिताबी मुकाबले में जीत हासिल की थी. इसमें जहीर की भी अहम भूमिका रही थी.

ज़हीर की एहमियत का अंदाज़ा इस बात से भी लगाया जा सकता है कि एक समय उन्हें पूर्व भारतीय कोच गैरी किर्स्टन ने बोलिंग का सचिन तेंदुलकर कहा था. जहीर ने इंटरनेशनल करियर में 165 पारियों में 311 विकेट झटके. इस दौरान उन्होंने 11 बार पांच या इससे ज्यादा विकेट लिए. जब कि एक बार 10 विकेट लिए. जहीर ने 197 वनडे पारियों में 282 विकेट लिए हैं. वनडे में उनका सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन 5 विकेट लेकर 42 रन देना रहा है. ज़हीर की निजी ज़िन्दगी की बात करें तो उनका विवाह अभिनेत्री सागरिका घाटगे से हुआ है.

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